Monkey Story of Stock Market Dimension |शेयर बाजार के आयाम की व्याख्या एक  बंदर की कहानी के माध्यम से

Monkey Story of Stock Market Dimension: प्रिय मित्रों और निवेशकों, मैं वरुण सिंह आप सभी का आपके अपने ब्लॉग moneynestblog.com में स्वागत करता हूं।आशा है कि आप सकुशल होंगे और जीवन का  भरपूर आनंद ले रहे होंगे। दोस्तों हम में से कई लोग शेयर बाजार में ट्रेड या निवेश कर रहे हैं l हम में से कुछ को अभी भी शुरू करना बाकी है और  वे लोग अभी भी शुरू करने के लिए सही समय के बारे में सोच रहे हैं ।क्या यह शेयर बाजार में निवेश करने का सही समय है? 

दोस्तों आजकल, बहुत सारी टेक्नोलॉजी के साथ, विशेषज्ञों और सलाहकारों की भरमार हैं जो अपनी एक्सपर्ट राय और सुझावों के साथ बाजार में उतार- चढ़ाव का अनुमान लगाते हैं। कई टेलीग्राम ग्रुप्स,व्हाट्सएप ग्रुप्स, फेसबुक कम्युनिटी, ट्विटर और स्टॉक गुरुओं के साथ,कई ऐसे प्लेटफॉर्म भी हैं,जो अपने स्टॉक पिक्स के लिए 100% सक्सेस रेट(सफलता दर) का दावा करते हैं।  स्टॉक ब्रोकर्स  शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म के लिए फंडामेंटल एनालिसिस और टेक्निकल एनालिसिस करते हुए  विभिन्न माध्यमों से टिप्स देते हैं और बार-बार SMS भेजते हैं। 

कई विशेषज्ञ बाजार के उतार- चढ़ाव के आधार पर अपना रुख बदलते रहते हैं।आपने अक्सर ऐसे विशेषज्ञों से सुना होगा,”मैंने कहा था ना, मैंने तो पहले ही बोला था ना।”दोस्तों बड़े- बड़े भारी भरकम तकनीकी शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है जो आम आदमी की समझ से परे होता है,जिससे छोटे रिटेल इन्वेस्टर और भी ज्यादा भ्रमित हो जाते हैं।

 मैंने और आपने भी अपने आस-पास ऐसे अनगिनत लोगों को देखा होगा जो इसके(शेयर बाजार के) विविध आयामों को समझे बिना इस विविधता भरे शेयर बाजार में बिना कुछ जाने समझे कूद पड़ते हैं और लगभग ऐसे सभी लोग फंस जाते हैं और कसम खाते हैं कि जिंदगी में अब कभी शेयर बाजार में निवेश नहीं करेंगे। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है?  

तो दोस्तों,चलिए आज मैं आपको अपने इस ब्लॉग के माध्यम से एक छोटी सी कहानी बताता हूं, जो शेयर बाजार  के  बारे में आपकी सोच बता सकती है। मैंने इस कहानी को काफी समय पहले पढ़ा था और मुझे पूरा यकीन है कि आप भी इस रोचक कहानी को उपयोगी पाएगे। इस कहानी को पढ़ना रोचक होगा जो आपके सामने स्टॉक मार्केट की असलियत लाएगी । तो चलिए शुरू करते हैं…..…

एक बार एक गाँव में, एक आदमी दिखाई दिया।उसने गाँव वालों के बीच में यह घोषणा की कि वह गांव के प्रत्येक व्यक्ति से 10 रुपये में एक बंदर खरीदेगा।ग्रामीण यह सुनकर बहुत खुश थे, क्योंकि आसपास के जंगलों में बहुत सारे  बंदर थे l

इस अनोखे मौके को भांपते हुए ग्रामीणों ने जंगल में जाकर बंदरों को  पकड़ना शुरू कर दिया जाहिर सी बात है कि जंगल में बंदरों की संख्या ज्यादा थी तो उनको पकड़ना भी आसान था। उस आदमी ने हजारों रुपये के बंदर खरीद लिए।जैसे-जैसे आस पास के जंगलो में बंदर की आपूर्ति(संख्या कम) कम होने लगी वैसे वैसे ग्रामीणों को बंदरों को पकड़ने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही थी इसलिए ग्रामीणों ने उनको पकड़ने का प्रयास बंद कर दिया।

एक महीने के बाद, गांव में आए उस आदमी ने एक नई घोषणा की कि अब वह प्रत्येक ग्रामीण से 20 रुपये में एक बंदर खरीदेंगा।इस बार कीमत दुगनी हो चुकी थी इसलिए एक बार फिर  ग्रामीणों ने सारे काम धाम छोड़ कर नए सिरे से प्रयास शुरू हुए और ग्रामीणों ने फिर से जंगलों में जाकर बंदरों को खोज खोज कर  पकड़ना शुरू कर दिया।जल्द ही आपूर्ति(बंदरों की संख्या)और भी कम हो गई और ग्रामीण पुनः अपने खेतों में वापस लौटने लगे।

गांव में आए उस आदमी ने एक बार फिर से ग्रामीणों के सामने नई पेशकश प्रस्तुत की।अब वह प्रत्येक बंदर के लिए 25 रुपए अदा करने के लिए तैयार था,लेकिन आस पास के जंगलों में बंदरों की आपूर्ति(संख्या) इतनी कम हो गई थी कि  एक भी बंदर को पकड़ना तो दूर देखना भी मुश्किल हो गया था।

कुछ दिन और बीतने के बाद गांव में आए उस आदमी ने ग्रामीणों के मध्य अब एक नई घोषणा की कि वह ग्रामीणों को प्रत्येक बंदर के लिए 50 रुपये अदा करेगा।साथ ही साथ उस आदमी ने यह भी बताया की  उसे किसी व्यवसाय के लिए शहर जाना जरूरी है, इसलिए अब उसका सहायक  उसकी ओर से खरीदारी करेंगा।वह आदमी शहर चला जाता है अपने सहायक को अपना काम सौंप कर।

अब उस आदमी की अनुपस्थिति में, उसके सहायक ने ग्रामीणों को बताया;  “बड़े पिंजरे में इन सभी बंदरों को देखो जो उस आदमी ने एकत्र किया है।  मैं उन्हें आपको(ग्रामीणों)35 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से बेच दूंगा और जब वह आदमी शहर से वापस आएगा, तो आप उन्हें प्रत्येक बंदर को 50 रुपये में बेच सकते हैं। ”ग्रामीणों को लगा कि यह बहुत ही अच्छा सौदा है,उन्हें बड़ा लाभ कमाने का अवसर सामने दिखने लगा।

ग्रामीणों ने अपनी पूरी बचत के साथ भारी ऋण लिया और पिजड़े में बंद सभी बंदरों को खरीद लिया लेकिन तब से ग्रामीणों ने न तो उस आदमी (जो व्यवसाय के लिए शहर गया था) और न ही कभी उसके सहायक को देखा, हर जगह केवल बंदर ही बंदर!

ग्रामीणों को बंदरों को बाहर छोड़ना पड़ा और वे सभी वापस जंगलों में चले गए। ग्रामीणों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया और उनका (ग्रामीणों) जीवन पर से भरोसा उठ गया ।उनके (ग्रामीणों) पास भुगतान करने के लिए बहुत बड़ा कर्ज था और उन्हें(ग्रामीणों)इस बात का बिलकुल भी अंदाजा नहीं था कि वे कैसे उस व्यक्ति के जाल में फंस गए।

दोस्तों कृपया आप याद रखें .. लालच आपको गर्त मे ले जा सकता है।  इस कहानी के बारे में चिंतन मनन करें…

यदि स्टॉक मार्केट विशेषज्ञ इतने विशेषज्ञ होते, तो वे सलाह नहीं बेचकर, स्टॉक खरीद रहे होते।लेकिन ऐसा नहीं होता है।शेयर बाजार की यही हकीकत है .. शेयर बाजार में आपका स्वागत है!

दोस्तों  यदि आपको यह पोस्ट पसंद आई है तो कृपया इस पोस्ट को कई सार्वजनिक प्लेटफार्मों पर अपने मित्रों के साथ साझा करें ताकि कई और लोग लाभान्वित हो सकें और स्टॉक मार्केट में निवेश की कला में महारत हासिल कर सकें !!       

 Read More :

Open Demat Account With :

Leave a Comment