भारत की प्रमुख प्राकृतिक संसाधन कंपनी Vedanta Limited की 60वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने एक बड़ी रणनीति पेश की है, जिसे कंपनी की ‘3D रणनीति’ (Demerger, Diversification, Deleveraging) कहा गया है। उनका दावा है कि इस योजना से Vedanta को दोगुना बड़ा बनाया जाएगा और प्रत्येक डिमर्जर बिजनेस के पास $100 Billion (₹8.3 लाख करोड़) की कंपनी बनने की क्षमता है।
क्या है Vedanta का ‘3D’ प्लान?
1. Demerger (डिमर्जर):
- कंपनी अपने विविध बिजनेस यूनिट्स को अलग-अलग कंपनियों में विभाजित करने की प्रक्रिया के आखिरी चरण में है।
- अनिल अग्रवाल ने बताया कि इस डिमर्जर प्लान को अब तक 99.5% से ज्यादा शेयरधारकों और लेनदारों का समर्थन मिल चुका है।
- डिमर्जर के बाद Vedanta Limited के हर शेयरधारक को चार नई कंपनियों में एक-एक शेयर मिलेगा।
2. Diversification (डाइवर्सिफिकेशन):
- अलग-अलग कंपनियां अब अपने मुख्य क्षेत्रों—Aluminium, Oil & Gas, Power, Iron & Steel और Zinc & Silver—पर फोकस कर सकेंगी।
- हर यूनिट को मिलेगा एक नया निवेशक, स्पष्ट फोकस और स्वतंत्र विकास की आज़ादी।
3. Deleveraging (डिलेवरेजिंग):
- कंपनी का उद्देश्य है अपने ऊपर मौजूद कर्ज को कम करना और फाइनेंशियल स्ट्रेंथ को बेहतर बनाना।
1,000 Startups से साझेदारी करेगी Vedanta
- अनिल अग्रवाल ने यह भी ऐलान किया कि Vedanta अब Technology सेक्टर की 1,000 Startups के साथ साझेदारी करेगी।
- इससे कंपनी भारत के सबसे बड़े Innovation Hubs में तब्दील हो सकती है, जहां से अगली पीढ़ी की टेक कंपनियों को पंख मिलेंगे।
Vedanta के शेयरधारकों को क्या मिलेगा?
- डिमर्जर के बाद Vedanta के हर शेयरधारक को नई बनने वाली कंपनियों में बराबर हिस्सेदारी दी जाएगी।
- इसका अर्थ है कि अगर किसी के पास Vedanta का एक शेयर है, तो उसे चार नई कंपनियों के एक-एक शेयर मिलेंगे।
भारत में बनाएगी Zinc और Aluminium पार्क
- Vedanta ने जानकारी दी कि वह भारत में दुनिया का पहला Industrial Zinc Park और देश का सबसे बड़ा Aluminium Park बना रही है।
- साथ ही कंपनी ने भारत में 10 Critical Minerals Blocks भी हासिल किए हैं, जो किसी भी प्राइवेट कंपनी के लिए एक रिकॉर्ड है।
कौन-कौन से देश शामिल हैं Vedanta के ऑपरेशन्स में?
- Vedanta Limited का व्यवसाय भारत के साथ-साथ South Africa, Namibia, Liberia, UAE और Saudi Arabia जैसे देशों में फैला है।
Viceroy Research के आरोपों पर क्या कहा Vedanta ने?
- AGM से एक दिन पहले अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग फर्म Viceroy Research ने Vedanta Resources पर “परजीवी कंपनी” और भारतीय यूनिट को खत्म करने वाला समूह कहा था।
- Vedanta ने इन आरोपों को गलत जानकारी और दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
- कंपनी का कहना है कि Viceroy का मकसद सिर्फ शॉर्ट सेलिंग से मुनाफा कमाना है और कंपनी को बदनाम करना है।
निष्कर्ष:
Vedanta के डिमर्जर और 3D रणनीति से यह साफ है कि कंपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए खुद को नई दिशा में ढाल रही है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक होता है तो आने वाले वर्षों में Vedanta के हर बिजनेस यूनिट का मूल्य $100 Billion के आंकड़े को छू सकता है।
TCS Dividend: June 2025 तिमाही का लाभांश कब आएगा Bank Account में?
Nippon India MNC Fund NFO 2025: भारत में काम कर रही ग्लोबल कंपनियों में निवेश का बेहतरीन अवसर
टॉप 10 बेस्ट लिक्विड म्यूचुअल फंड्स 2025 – पूरी तुलना, रिटर्न्स, और खर्च विवरण
डिस्क्लेमर:
इस वेबसाइट (moneynestblog,com) पर उपलब्ध सभी जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। यहां दी गई कोई भी स्टॉक, म्यूचुअल फंड या अन्य निवेश से जुड़ी जानकारी को निवेश सलाह न समझा जाए। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। moneynestblog.com किसी भी लाभ या हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम वरुण सिंह है, मैं अपने खाली समय में यू ट्यूब पर फाइनेंस संबंधी वीडियो अपलोड करता हूं साथ ही ब्लॉगिंग भी कर रहा हूं। जो भी चीजें मैं व्यक्तिगत अनुभव से सीखता हूं उसको भी इस वेबसाइट के माध्यम से शेयर करने का प्रयास करता हूं। हमारी कोशिश है की हम अपने पाठकों के लिए उच्च गुणवत्ता से युक्त आर्टिकल प्रकाशित करें।